Plumber Niranjan Pradhan

My photo
Ulunda, Sonepur (Subarnapur), Western ODISHA, India

Saturday, 18 November 2017

Nonstop zindagi

आहिस्ता चल ज़िन्दगी,
कई क़र्ज़ चुकाना बाकी है।
तेरी दौड़ भागते-भागते मैं थक गया हूं,
दम तो लेने दे,
कुछ दर्द मिटाना बाकी है।
मेरे अपने पीछे छूट गए,
कुछ फ़र्ज़ निभाना बाकी है…!!!

Thursday, 2 November 2017

Who has found the secret of life?

कभी धूप कभी छाया है
कभी सत्य कभी माया है
बीत रही इस जिंदगी का राज़ किसने पाया है ?

कभी आस कभी विश्वास है
खुशदिल है कभी उदास है ,
महफ़िलों में नजर नहीं आती है
तन्हाई में दुश्मन जैसे पास है,
कभी हंसाया है इसने जी भर कर हमें
और कभी जी भरकर रुलाया है,
बीत रही इस जिंदगी का राज किसने पाया है ?

किसी के लिए सरताज है जिंदगी
कभी दो वक़्त की रोटी की मोहताज है,
कोई रो-रो कर निकाल रहा है
किसी के लिए एक बिंदास अंदाज है
जिंदगी कोई ठोकरों से टूट गया है
देखो किसी ने दूसरों की जिंदगी को सजाया है
इस बीत रही जिंदगी का राज किसने पाया है ?

नफरत की आग लिए दिल में जलते रहते हैं
कई लोग और कुछ खुशियों की दवाई बाँटते रहेते हैं मिटाने को ग़मों के रोग,
जिंदगी ने अपने रूप से हमें इस तरह से मिलाया है,
इस बीत रही जिंदगी का राज किसने पाया है?
🕧🕐🕜🕑🕝🕒🕞⏰🕓🕟🕔🕠🕕🕡🕖