आहिस्ता चल ज़िन्दगी, कई क़र्ज़ चुकाना बाकी है। तेरी दौड़ भागते-भागते मैं थक गया हूं, दम तो लेने दे, कुछ दर्द मिटाना बाकी है। मेरे अपने पीछे छूट गए, कुछ फ़र्ज़ निभाना बाकी है…!!!
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